इंटरनेट डेस्क। गणेश चतुर्थी का पर्व देशभर में धूमन धाम से मनाया जा रहा हैं, जो भी लोग अपने घर पर भगवान गणेशजी की स्थापना करते हैं वो 10 दिनों के लिए उनकी बड़ी धूमधाम से पूजा करते है। इस पावन पर्व का आज तीसरा दिन है। इन 10 दिनों में भक्त अपने घरों में गणपति बप्पा की मूर्ति स्थापित करते हैं और उनकी विधि-विधान से पूजा करते हैं।
वहीं, गणेश उत्सव के तीसरे दिन भगवान गणेश की पूजा के बाद उनकी कपूर से भव्य आरती जरूर करनी चाहिए, क्योंकि आरती के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।
आरती करने से न केवल बप्पा खुश होते हैं, बल्कि भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि भी आती है।
।।गणेश जी की आरती।।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
pc- livemint.com
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